TRP kya Hai Television Rating Point kya Hai

TRP kya Hai

TRP kya Hai: Television Rating Point दोस्तों हम सभी  लोग टीवी देखते है, वो अलग बात है की टीवी पर हर  व्यक्ति एक ही शो नहीं देख ता है सभी लोगो का पसंद अलग-अलग होता है ,

जैसे – कोई टीवी पर मूवी देखते है, कोई सीरियल देखता है,कोई कॉमेडी शो देखता है, हर व्यक्ति  पसंद अलग  होता है।

ये सब पसंद की बात हो गयी, अब बात कर लेते है की टीवी पर सबसे ज्यादा शो कौन सा देखा जाता है, यह कैसे मालूम होता है।

दोस्तों जिस प्रकार यूट्यूब पर किसी विडिओ को कितने लोगो ने देखा, कितनो ने उस विडिओ को पसंद किया कितने ने नहीं किया ये सब हम लोग जान सकते है,

उसी प्रकार टीवी पर भी किसी शो को कितने लोगो ने पसंद किया,कितनो ने नहीं किया,कितने लोग show को देख रहे है, कितने समय पर ज्यादा लोग शो को देख रहे है, इस प्रकार की जानकारी बहुत आसानी से हाशिल कर सकते है।

TRP कैसे चेक करते है?

टीवी सीरियल  और चैंनले  का TRP चेक  करने के लिए कुछ जगह पर People’s Meter लगाये जाते है. जो की एक Specific Frequency के द्वारा ये पता लगाया जाता है की  कहा कौन सा सीरियल या Channel देखा जा रहा है और कितने बार Advertiserment दिख रहा है|

People’s Meter के द्वारा Television एक-एक minute के Iजानकारी को Monitoring Team (Indian television Audience Measurement) तक पंहुचा दिया जाता है| Monitoring Team (Indian television Audience Measurement) People’s meter से मिले Information को एनालिसिस करने के बाद यह तय करता है की किस Channel या किस Serial का TRP कितना है|

TRP कम या ज्यादा होने से Channels पर क्या Effect पड़ता है

TRP kya Hai: दोस्तों TRP कम ज्यादा होने से चैनल पर बहुत ज्यादा प्रभाव पड़ता है, में आप को दोनों पहलुओं को समझने की कोसिस करता हूँ।

मान लीजिये की आप एक ग्राहक है,और आप को कोई सामान लेने बाजार जाना है|

बाजार में आप किसी भी शॉप में तो नहीं जाते होंगे, आप पहले यह डिसाइड करते है की इस वस्तु को कौन सा शॉप अच्छा और गारेंटी के साथ  देता है, तब जा कर आप उस शॉप पर जाते होंगे।

उसी प्रकार जिस चैनल का TRP अधिक होता हैं, उसके पास ज्यादा कंपनी आती है अपना एड्स को चलवाने के लिए,कोई भी कम्पनी यह चाहती है की हमारा एड्स को ज्यादा लोग देख सके और लोगो में उस कम्पनी के प्रति जागरुक्ता फैले ,

TRP बढ़ने से चैनल मालिक की अधिक कमाई बढ़ती है साथ ही साथ उस शो में काम कर रहे एक्टर की भी फीस बढ़ जाती है।

जिस टीवी चैनल की TRP काम होती है उस चैनल पर advartising करवाने के लिए बहुत काम कम्पनियाँ आती है,तथा एड्स चलवाने के लिए कम पैसे देती है।

जिसके चलते उस चैनल मालिक तथा एक्टर्स की काम कमाई होती है।

दोस्तों आप ये सोच रहे होंगे की TRP का डाटा कौन बताता होगा। तो आपको बता दें कि BARC संस्थान में सभी टीवी channels के viewership का डाटा निकाला जाता है. और यह डाटा advertisement कंपनी को दिखाया जाता है. और इसी TRP के आधार पर प्रति Ad का शुल्क तय किया जाता है।

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