Mera Pani Meri Virasat, ऑनलाइन आवेदन, रजिस्ट्रेशन


Mera Pani Meri Virasat Yojana Apply, मेरा पानी मेरी विरासत योजना हरियाणा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना आवेदन, Mera Pani Meri Virasat Scheme फॉर्म और अन्य जानकारिया आपको इस लेख में दी जाएँगी।  हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण के समय में किसानो को धान के अतिरिक्त अन्य वैकल्पिक खेती करने पर  7 हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन धनराशि देने की बात कही है।

इसके लिए मेरा पानी मेरी विरासत योजना की आधिकारिक रूप से शुरुआत की गयी है। कोरोना वायरस के संक्रमण के समय में राज्य सरकार ने किसानो को धान की खेती के अतिरिक्त अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती करने पर 7 हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन धनराशि किसानो को देने की बात कही है। इस योजना के तहत हरियाणा सरकार द्वारा कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया की शुरुआत कर दी गयी है।

Mera Pani Meri Virasat Yojana 2021

भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने राज्य में किसानो को धान के अतिरिक्त अन्य वैकल्पिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने हेतु मेरा पानी मेरी विरासत योजना (Mera Pani Meri Virasat Yojana) की शुरुआत की है। इस योजना के पहले चरण में उन 19 ब्लॉक को शामिल किया गया है जिनमें भू-जल की गहराई 40 मीटर से ज्यादा है। इनमें से भी आठ ब्लॉक में धान की रोपाई ज्यादा है जिनमें कैथल के सीवन और गुहला, सिरसा, फतेहाबाद में रतिया और कुरुक्षेत्र में शाहाबाद, इस्माइलाबाद, पिपली और बबैन शामिल हैं।

इसके साथ ही उन सभी क्षेत्रों में जहा किसानो के द्वारा 50 हार्स पावर से अधिक क्षमता वाले ट्यूबवेल का इस्तेमाल किया जा रहा है वहा धान के अतिरिक्त अन्य वैकल्पिक फैसलो जैसे: – मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, तिल, कपास, सब्जी की फसलों की बुवाई के लिए किसानो को प्रोत्साहित किया जायेगा। वह सभी कृषि योग्य भूमि जहा भूमिगत जल 35 मीटर नीचे है वह  पंचायती जमीन पर धान की खेती की अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी। इन सभी क्षेत्रों में किसानों को धान के अतिरिक्त अन्य फसलों के उतपादन के लिए 7 हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन धनराशि राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी।

हरियाणा असंगठित श्रमिक सहायता योजना

मेरा पानी मेरी विरासत योजना प्रमुख तथ्य

योजना का नाममेरा पानी मेरी विरासत योजना
आरम्भ की गईमुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा
लाभार्थीप्रदेश के किसान भाई
आवेदन की प्रक्रियाऑनलाइन
उद्देश्यधान के अतिरिक्त अन्य फसलों की बुवाई के लिए प्रोत्साहन
लाभ7 हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन धनराशि
श्रेणीहरियाणा सरकारी योजनाएं
सरकारी वेबसाइटwww.agriharyanaofwm.com/

हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना का उद्देश्य

आपको बता दे की हरियाणा राज्य में कई ऐसे स्थान है जहा किसानो को धान की खेती के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पाता है। इन सभी स्थानों में भूमिगत जल स्तर 40 मीटर या उससे अधिक गहराई पर है। इन सभी स्थानों पर किसानो को धान की खेती के अतिरिक्त अन्य अन्य वैकल्पिक फसलों की बुआई के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

इसके लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मेरा पानी मेरी विरासत नाम से एक योजना की शुरुआत की है जिसके तहत इस समय प्रदेश के 19 ब्लॉक को शामिल किया गया है। इस योजना के तहत प्रदेश के किसानो को धान की खेती के अतिरिक्त अन्य वैकल्पिक फसलों की बुवाई के लिए 7 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन धनराशि प्रदान की जाएगी।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना की विशेषताएं

  • इस योजना के माध्यम से राज्य में किसानो को धान की खेती के अतिरिक्त अन्य वैकल्पिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
  • हरियाणा को मनोहर लाल खट्टर सरकार द्वारा इसके लिए किसानो को आर्थिक सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी।
  • इस योजना के कार्यान्वयन के फलस्वरूप किसानो को उन सभी क्षेत्रों में जहा भूमिगत जल स्तर काफी नीचे अन्य वैकल्पिक फसलों की बुवाई के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा।
  • हरियाणा सरकार की मेरा पानी मेरी विरासत योजना के माध्यम से जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जायेगा।
  • प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना के तहत अपने खेतो में अन्य वैकल्पिक फसलों की बुवाई किये जाने की स्थिति में  7000 रूपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन धनराशि प्रदान की जाएगी |
  • हरियाणा सरकार द्वारा चिन्हित किये गए 19 ब्लॉक के अतिरिक्त अन्य ब्लॉक के किसान भाई भी इस योजना के माध्यम से अनुदान के लिए आवेदन कर पाएंगे।
  • सभी किसानो को धान की बुवाई के अतिरिक्त मक्का , अरहर, मूंग, उड़द, तिल, कपास, सब्जी आदि की फसलों की बुवाई के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा।
  • कृषि विभाग के सहयोग से जल्द ही इस योजना के तहत आवेदन के लिए एक अलग पोर्टल को लांच किया जायेगा।
  • इस योजना के द्वारा किसानों को धान की खेती के अतिरिक्त अन्य फसलों की बुवाई के द्वारा आय में वृद्धि तथा भावी पीढ़ी के लिए पानी की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा सकेगी।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत प्रोत्साहन

  • इस योजना के तहत, जो किसान अपनी कुल भूमि का 50% या उससे अधिक पर धान के बदले कपास / मक्का / बाजरा / सब्जियाँ / दालें आदि जैसी फसलें उगाता है, उसे 7,000 / – रुपये प्रति एकड़ की राशि दी जाएगी। लेकिन यह राशि केवल उन्हीं किसानों को दी जाएगी, जिन्होंने फसल विविधीकरण को पिछले वर्ष धान के रकबे (खरीफ 2019-20) के 50 प्रतिशत या उससे अधिक क्षेत्र में अपनाया है।
  • उपर्युक्त राशि के अलावा, जिन किसानों ने, फसल विविधीकरण को धान के बजाय फलदार पौधों और सब्जियों की खेती करके  अपनाया है, उन्हें बागवानी विभाग द्वारा संचालित परियोजनाओं के प्रावधान के अनुसार एक अलग अनुदान दिया जाएगा।
  • उन ब्लॉकों के लिए जिनका भूजल स्तर 35 मीटर या उससे अधिक की गहराई पर है और जहां धान के अलावा  कपास / मक्का / बाजरा / सब्जी / दलहन की फसलें पंचायती भूमि पर उगाई गई हैं, की राशि 7,000 / – प्रति एकड़ होगी, जो  ग्राम पंचायत को दी जाएगी।
  • सरकार इस योजना के तहत अपनाई गई फसल जैसे बाजरा / मक्का /  दालों को  न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदेगी।
  • किसानों को पर्याप्त नमी के आधार पर उचित मूल्य देने के लिए, मक्का खरीद के दौरान, मंडियों में मक्का सुखाने के लिए मशीनें लगाई जाएंगी।
  • किसानों को, 40 प्रतिशत अनुदान, बुवाई के लिए लक्षित ब्लॉकों में मक्का बुवाई मशीनों पर दिया जाएगा।
  • फसल विविधीकरण के तहत, सरकार द्वारा अपनाई गई फसल के बीमित राशि  का योग सरकार द्वारा दिया जाएगा।
  • लघु सिंचाई संयंत्र स्थापित करने के लिए, फसल विविधीकरण वाले किसानों को कुल लागत का केवल GST ही चुकाना होगा।

फसल विविधता के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया

  • सबसे पहले आपको कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद आपके सामने वेबसाइट का होमपेज खुल जायेगा।
  • वेबसाइट के होमपेज पर आपको मेन्यू में “फसल विविधीकरण के लिए पंजीकरण करें” के विकल्प पर क्लिक करना है। इसके बाद आपके सामने एक नया पेज खुल जायेगा।
  • अब अपना आधार नंबर दर्ज करें।  इसके बाद एक पंजीकरण फॉर्म खुल जायेगा।
  • इस फॉर्म में मांगी गयी सभी जानकारी भरे और इसे सबमिट करे।
  • सबमिट करते ही आपकी पंजीकरण प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

रिचार्ज शाफ़्ट के लिए आवेदन की प्रक्रिया

  • सबसे पहले आपको कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद आपके सामने वेबसाइट का होमपेज खुल जायेगा।
  • वेबसाइट के होमपेज पर आपको मेन्यू में “रिचार्ज शाफ़्ट के लिए आवेदन करें” के विकल्प पर क्लिक करना है। इसके बाद आपके सामने एक फॉर्म खुल जायेगा।
  • आवेदन पत्र में मांगी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक भरें जैसे, किसान का नाम, पिता का नाम, मोबाइल नं:, आधार नंबर इत्यादि।
  • अब सभी जानकारी भरने के बाद सबमिट का बटन दबाये और रिचार्ज शाफ़्ट के लिए आवेदन जमा करा दें।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

आप दिए गए चरणों के द्वारा हरियाणा सरकार की मेरा पानी मेरी विरासत योजना (Mera Pani Meri Virasat Yojana) का लाभ ले सकते हैं।

  • सबसे पहले आपको कृषि विभाग की सरकारी वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद आपके सामने वेबसाइट का होमपेज खुल जायेगा।
मेरा पानी मेरी विरासत योजना
  • वेबसाइट के होमपेज पर आपको “किसान पंजीकरण करे” विकल्प पर क्लिक कर देना है। इस विकल्प पर क्लिक करने के बाद आपके सामने एक नया पेज खुल जायेगा।
  • इस पेज पर आपको ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म दिखाई देगा। आपको इस फॉर्म में सभी पूछी गयी जानकारियों को दर्ज कर देना है।
Mera Pani Meri Virasat Form
  • यहा आपको वित्तीय वर्ष , योजना जिला , ब्लॉक , किसान का नाम , पिता या पति का नाम , माता का नाम मोबाइल नंबर आदि की जानकारी साझा करनी है।
  • अभी जानकारी दर्ज करने के बाद आप सम्बंधित दस्तावेजों को उपलोड करके अपने द्वारा दर्ज जानकारी की जांच के पश्चात् “Submit” के बटन पर क्लिक कर दे।

इस प्रकार आपका हरियाणा सरकारी की धान अतिरिक्त वैकल्पिक खेती के प्रोत्साहन हेतु शुरू की गयी योजना रजिस्ट्रेशन पूरा हो जायेगा।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लिए आवेदन कैसे करे?

  • सबसे पहले आपको मेरा पानी मेरी विरासत योजना की सरकारी वेबसाइट वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद आपके सामने वेबसाइट का होमपेज खुल जायेगा।
  • वेबसाइट के होमपेज पर आपको मेन्यू में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लिए विकल्प के विकल्प पर क्लिक करना है। इसके बाद आपके सामने फार्मर रजिस्ट्रेशन के लिए के फॉर्म खुल जायेगा।
  • फॉर्म में मांगी गयी सभी जानकारी भरे जैसे आधार नंबर , सामान्य विवरण , किसान का विवरण , टोटल लैंड होल्डिंग  आदि।
  • अंत में भरी गयी जानकारी को दोबारा चेक करे और सबमिट  बटन दबाएं। इस प्रकार आपकी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

संपर्क करें

उपरोक्त जानकारी के अलावा, यदि आपके पास कोई प्रश्न है, तो नीचे दिए गए विवरण पर संपर्क करें:

पता:

  • कृषि और किसान कल्याण विभाग
  • कृषि भवन, सेक्टर 21, पंचकूला
  • ईमेल: [email protected], [email protected]
  • हेल्पलाइन नंबर: 1800-180-2117
  • दूरभाष: 0172-2571553, 2571544
  • किसान कॉल सेंटर:18001801551
  • फैक्स: 0172-2563242 है

यह भी पढ़े – हरियाणा जनसहायक Help Me ऐप लिंक: Download Jan Sahayak App Get Help

हम उम्मीद करते हैं की आपको मेरा पानी मेरी विरासत योजना से सम्बंधित जानकारी जरूर लाभदायक लगी होंगी। इस लेख में हमने आपके द्वारा पूछे जाने वाले सभी सवालो के जवाब देने की कोशिश की है।

यदि अभी भी आपके पास इस योजना से सम्बंधित सवाल है तो आप हमसे कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं। इसके साथ ही आप हमारी वेबसाइट को बुकमार्क भी कर सकते हैं।



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