Ghasiyari Kalyan Yojana लाभ एवं पात्रता


मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना आवेदन, Uttarakhand Mukhyamantri Ghasiyari Kalyan Yojana Apply, उत्तराखंड मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण 2021, Ghasiyari Kalyan Yojana पंजीकरण और अन्य जानकारी आपको इस लेख में दी जाएगी। उत्तराखंड सरकार द्वारा जल्द ही एक नई योजना शुरू होने जा रही है। इस योजना का नाम है मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना। उत्तराखंड सरकार यह योजना महिलाओं के हित में शुरू करने जा रही है। उत्तराखंड मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना के तहत उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में निवास करने वाली हजारों महिलाओं को लाभ प्रदान किया जाएगा।

उत्तराखंड मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना के तहत 7771 केंद्रों में दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के चारे की आपूर्ति का कार्य किया जाएगा। सभी लाभार्थी पशुपालक पैक्ड सिलेज और कुल मिश्रण राशन प्राप्त करेंगे। ऊपर दी गयी जानकारी के अनुसार Mukhyamantri Ghasiyari Kalyan Yojana Uttarakhand 2021 से हजारों महिलाओं को लाभ पहुंचेगा| इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि वह सभी महिलाएं जो चारा इकट्ठा करने के लिए जंगल जाती थी और बहुत अधिक कठिनाइयों और खतरों का सामना करती थी अब उन्हें ऐसा नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि योजना के तहत उनके पशुओं के लिए चारा सरकार द्वारा बनाए गए इन केंद्रों से उन तक पहुंचा दिया जाएगा।

Mukhyamantri Ghasiyari Kalyan Yojana Uttarakhand 2021

उत्तराखंड के मंत्रिमंडल ने Mukhyamantri Ghasiyari Kalyan Yojana 2021 को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस योजना के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले दूरस्थ ग्रामीण लोगों को जो पशु पालन करते हैं अब पैक्ड सायलेज संपूर्ण मिश्रित पशु आहार प्रदान किया जाएगा। उत्तराखंड मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना का संचालन साइलेज उत्पादन एवं विपणन संघ लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को अब पशु चारे के लिए मीलों पैदल जाकर चारे का बोझ ढोना नहीं पड़ेगा।

Mukhyamantri Ghasiyari Kalyan Yojana Uttarakhand

अब उन्हें चारा इकट्ठा करने के लिए जंगलों में जाकर खतरे का सामना भी नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने अब उनकी समस्याओं का समाधान दे दिया है। कहा जा रहा है कि मंत्रिमंडल ने Mukhyamantri Ghasiyari Kalyan Yojana 2021 के कार्यान्वयन के लिए अगले वित्तीय वर्ष के में 16.78 करोड़ की राशि निर्धारित की है। सरकार इस योजना के तहत पशुओं के लिए चारे के वितरण के लिए एक नियमित प्रणाली बनाएगी जिसके तहत लाभार्थियों को लाभ प्रदान किया जाएगा।

की मुख्य विशेषताएं Mukhyamantri Ghasiyari Kalyan Yojana

नामउत्तराखंड मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना
आरम्भ की गईमुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी के द्वारा
वर्ष2021
लाभार्थीराज्य की महिलाएं
आवेदन की प्रक्रियाऑनलाइन
लाभपशुओं के चारे की आपूर्ति
श्रेणीउत्तराखंड सरकारी योजनाएं
आधिकारिक वेबसाइटhttps://uk.gov.in/

मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना को मिला कैबिनेट का अप्रूवल

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में कैबिनेट समिति ने 25 फरवरी 2021 को मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना को मंजूरी प्रदान की है। यह योजना कैबिनेट बैठक द्वारा किए गए 7 अहम फैसलों में से एक  थी।

Mukhyamantri Ghasiyari Kalyan Yojana Uttarakhand का कार्यान्वयन

अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार Mukhyamantri Ghasiyari Kalyan Yojana Uttarakhand के लिए सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष में 16.78 करोड रुपए की व्यवस्था पहले ही कर दी है। चौकी मक्का की सहकारी खेती के लिए की गई है। इसमें लाभार्थियों के लिए सिलेज और टीएमआर के उत्पादन के साथ पशुओं के चारे की आपूर्ति की जाएगी। इस योजना के तहत सरकार का उद्देश्य ₹3 प्रति किलो की दर पर पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराना है।

उत्तराखंड मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना की विशेषताएं

उत्तराखंड सरकार द्वारा शुरू की गयी मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं : –

  • अब इस योजना का लाभ प्राप्त कर रही महिलाओं को अपने पशुओं के लिए चारा एकत्रित करने के लिए जंगलों में नहीं जाना पड़ेगा क्योंकि योजना के तहत उनके पशुओं के लिए सब्सिडी दरों पर पौष्टिक चारा प्रदान किया जाएगा।
  • मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना के तहत उत्तराखंड राज्य के पिछड़े ग्रामीण पहाड़ी इलाकों में लाभार्थी पशुधन किसानों को उनके घर पर ही पैकेज साइलेज, टोटल मिक्स्ड राशन टीएमआर उपलब्ध कराया जाएगा।
  • इस योजना के द्वारा महिलाओं को उनके पशुओं के लिए रियायती दर पर चारा उपलब्ध कराया जाएगा ताकि उन्हें चारा काटने का कार्य ना करना पड़े।
  • Mukhyamantri Ghasiyari Kalyan Yojana Uttarakhand के लाभार्थियों को पशुओं के चारे के लिए अब जंगल में भटकना नहीं होगा।
  • पोषक चारे के कारण पशुओं के स्वास्थ्य और दूध की उपज में भी अच्छे प्रभाव देखने को मिलेंगे।
  • उत्तराखंड मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना के तहत 2000 से अधिक कृषक परिवार 2000 एकड़ से अधिक जमीन पर मक्का की सामूहिक एवं सहकारी खेती करेंगे। इन मक्का उगाने वाले किसानों को उचित मूल्य पर मक्का बेचने का मौका मिलेगा।
  • इस योजना के लाभ के रूप में मवेशी अपने पशुओं के लिए पोस्टिक चारा भी प्राप्त करेंगे और पहाड़ों में महिलाओं को सिर पर बोझ उठाकर भी नहीं जाना पड़ेगा।
  • इस संपूर्ण Mukhyamantri Ghasiyari Kalyan Yojana Uttarakhand की लागत लगभग 19 करोड रुपए है।

Mukhyamantri Ghasiyari Kalyan Yojana 2021 का लाभ

उत्तराखंड सरकार ने मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना मुख्य रूप से महिलाओं के लिए बनाई है। इस बारे में त्रिवेंद्र सिंह रावत जी का कहना है कि महिलाएं अपने पति की भूमि पर सह लेखाकार है, इसके लिए उन्होंने एक ऐसी योजना को मंजूरी भी दी है। त्रिवेंद्र सिंह जी का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों का अर्थशास्त्र महिलाओं के चारों ओर घूमता है। पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाएं चारे के लिए जंगल में भटकना, सुबह और शाम के लिए लकड़ी इकट्ठा करना, जंगल के रास्ते पर कभी-कभी जंगली जानवरों के हमले से बचना एवं उनका सामना करना आदि सभी समस्याओं का सामना करती हैं।

इतना ही नहीं कई बार इन कारणों के चलते महिलाओं की पहाड़ी से गिरने पर मौत भी हो जाती है। यही कारण है की सरकार ने महिलाओं की सुविधा के लिए यह योजना बनाई है। इस योजना का एक बहुत बड़ा राजनीतिक लक्ष्य भी है। उत्तराखंड राज्य के मतदाताओं में महिला एवं पुरुष मतदाताओं की संख्या समान है। इतना ही नहीं उत्तराखंड के होने वाले चुनावों में पुरुषों के मुकाबले महिला मतदाताओं का प्रतिशत अधिक होता है। यही कारण है कि सरकार महिलाओं के लिए यह Mukhyamantri Ghasiyari Kalyan Yojana Uttarakhand शुरू कर रही है।

यह भी पढ़े – उत्तराखंड मुफ्त लैपटॉप वितरण योजना ऑनलाइन आवेदन, मुफ्त लैपटॉप 2021

हम उम्मीद करते हैं की आपको मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना से सम्बंधित जानकारी जरूर लाभदायक लगी होंगी। इस लेख में हमने आपके द्वारा पूछे जाने वाले सभी सवालो के जवाब देने की कोशिश की है।

यदि अभी भी आपके पास इस योजना से सम्बंधित सवाल है तो आप हमसे कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं। इसके साथ ही आप हमारी वेबसाइट को बुकमार्क भी कर सकते हैं।

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