स्वामित्व योजना 2021 | PM Swamitva Yojana आधिकारिक वेबसाइट, ऑनलाइन पंजीकरण


प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना पंजीकरण, PM Swamitra Yojana Apply, PM Swamitra Yojana Official Website In Hindi, पीएम स्वामित्व योजना एप्लीकेशन फॉर्म, लाभ व अन्य जानकारियां आपको इस लेख में दी जाएँगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत ग्रामीण भारत  प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत नए ई-ग्राम स्वराज पोर्टल की को लांच किया गया है। डिजीटल इंडिया के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने बहुत सी ऑनलाइन योजनाए शुरू की है। इन्ही योजनाओ में से एक ग्रामीण स्वामित्व योजना भी है, जहा प्रधानमंत्री जी ने एक नए ई-ग्राम स्वराज पोर्टल की शुरुआत की है।

यह पोर्टल आपको ग्राम समाज से जुड़ी सभी समस्याओं से अवगत करवाएगा इसके साथ ही इस पोर्टल की सहायता से आप अपनी भूमि की जानकारी ऑनलाइन देख पाएंगे। इस ई ग्राम स्वराज पोर्टल की शुरुआत पंचायती राज मंत्रालय द्वारा करवाई गयी है। सभी उम्मीदवार जो ऑनलाइन आवेदन करने के इच्छुक हैं, आधिकारिक अधिसूचना की जानकारी ले और सभी पात्रता मानदंड और आवेदन प्रक्रिया को ध्यान से पढ़ें। हम प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के लाभ, योजना का मुख्य उद्देश्य ,  आवेदन प्रक्रिया आदि जैसी जानकारी इस लेख में प्रदान करेंगे। सम्पूर्ण जानकारी के लिए लेख अंत तक ध्यानपूर्वक पढ़े।

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना संपत्ति कार्ड जारी

अब तक सरकार के पास गाँव की आबादी की ज़मीन का कोई रिकॉर्ड नहीं था। इसे ध्यान में रखते हुए, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामित्व योजना शुरू की। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल को PM Swamitva Yojana 2021 का शुभारंभ किया। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल ग्राम पंचायतों के पूर्ण डिजिटलीकरण की दिशा में एक कदम है और भविष्य में यह एकल मंच बन जाएगा, जो ग्राम पंचायतों द्वारा किये गए सभी कार्यों का रिकॉर्ड रखेगा। विकास कार्य के सभी विवरण, उनके लिए आवंटित धन, यह सारा डेटा पोर्टल पर उपलब्ध होगा। और इस मंच के माध्यम से ग्रामीण अपने मोबाइल फोन पर सभी डेटा का उपयोग कर पाएंगे जो पारदर्शिता बढ़ाएगा।

अब, 11 अक्टूबर 2020 को, इस योजना के तहत, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी देश के 763 गांवों के 1.32 लोगों के स्वामित्व वाली भूमि के स्वामित्व के कागजात सौंपेंगे। इस योजना के माध्यम से आप गांवों के घरों पर आसानी से बैंक ऋण प्राप्त कर सकेंगे। वास्तव में, पंचायत राज दिवस 2020 के अवसर पर शुरू की गई योजना (पीएम स्वामित्व योजना) के तहत आवासीय संपत्तियों को स्वामित्व देने की योजना में बहुत प्रगति हुई है। कई राज्यों के गांवों के घरों का डिजिटल सर्वेक्षण भी शुरू कर दिया गया है। ऐसे में गांवों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है।

2.5 लाख नागरिकों को मिले प्रॉपर्टी कार्ड

स्वामित्व योजना 24 अप्रैल 2020 को हमारे देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पंचायती राज के दिन शुरू की गई थी। इस योजना के तहत, गांव के नागरिकों को उनकी जमीन और घर के दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह योजना देश के 9 राज्यों हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, राजस्थान और आंध्र प्रदेश में पहली पायलट परियोजना के रूप में शुरू की गई थी। अब तक 2.50 लाख लोगों के संपत्ति कार्ड PM Swamitva Yojana के तहत वितरित किए गए हैं। 31 जनवरी 2021 तक, 23,300 गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और 1432 गांवों के 2.5 लाख लोगों को संपत्ति कार्ड वितरित किए गए हैं। इस योजना के माध्यम से 90% से अधिक गाँव के विवादों का निपटारा किया जा रहा है। ड्रोन सर्वेक्षण के बाद, भूमि को चुने साथ चिह्नित किया गया है।

स्वामित्व योजना बजट 2021–22

पंचायती राज मंत्रालय को वर्ष 2021–22 के लिए 913.43 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। पिछले वर्ष की तुलना में यह बजट 32% अधिक है। इस बजट में से, 593 करोड़ रुपये राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के लिए और 200 करोड़ रुपये योजना के लिए आवंटित किए गए हैं। पिछले साल इस योजना का बजट 79.65 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 200 करोड़ हो गया है। पिछले साल 9 राज्यों को इस योजना के तहत शामिल किया गया था और 16 राज्यों को इस साल इस योजना के तहत शामिल किया गया है। लगभग 130 ड्रोन टीमों को विभिन्न राज्यों में स्वामीत्व योजना के तहत तैनात किया गया है।

इन ड्रोन टीमों को भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा तैनात किया गया है। इस योजना के तहत, मार्च 2021 तक 500 ड्रोन तैनात किए जाएंगे, जिससे भारतीय ड्रोन विनिर्माण को भी बढ़ावा मिला है।

Swamitav Yojna Continuous Operating Reference Station

स्वामित्व योजना के कार्यान्वयन के लिए भूमि मानचित्रण और संपत्ति डेटा एकत्र करने के लिए पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश में 210 निरंतर परिचालन संदर्भ स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इन स्टेशनों को मार्च तक चालू कर दिया जाएगा। 2022 तक, पूरे देश में निरंतर ऑपरेटिंग संदर्भ स्टेशनों का एक पूरा नेटवर्क होगा। 5.41 लाख गाँवों को स्वामित्व योजना के तहत कवर किया गया है और इसके लिए 566.23 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है। वर्ष 2021–22 के लिए 16 राज्य इस योजना के अंतर्गत होंगे, जिसके लिए 200 करोड़ रूपए का बजट रखा गया है।

PM Swamitva Yojana Property Card

अभी तक सरकार के पास ग्रामीण इलाको में गांव की आबादी की जमीन के रिकार्ड उपलब्ध नहीं थे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा स्वामित्व योजना आरंभ की गयी है। इस योजना के तहत आज दिनांक 11 अक्टूबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 763 गांवों के 1.32 लोगों को आबादी की जमीन का मालिकाना हक के कागज सौंपेंगे। इस योजना के माध्यम से गांव की जमीन को लेकर बरसो से चले आ रहे विवाद को निपटाने में भी मदद मिलेगी। आज के दिन ही प्रधानमंत्री के द्वारा मालिकाना हक के कागजों के साथ-साथ डिजिटल Property Card भी दिए जायेंगे।

स्वामित्व योजना क्या है?

पीएम मोदी और पंचायती राज मंत्रालय ने मिलकर भूमि स्वामित्व योजना की शुरुआत की। इसे लॉन्च करते हुए उन्होंने कहा कि आप संपत्ति के बारे में गांवों में मौजूद स्थिति को जानते हैं। प्रधान मंत्री योजना इसे ठीक करने का प्रयास है। इसके तहत देश के सभी गांवों में ड्रोन के जरिए गांव की हर संपत्ति की मैपिंग की जाएगी। इसके बाद, गांव के लोगों को उस संपत्ति के स्वामित्व का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, 11 अक्टूबर 2020 को, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के 346 गांवों, हरियाणा के 221, मध्य प्रदेश के 44, महाराष्ट्र के 100, कर्नाटक के 2 और उत्तराखंड के 50 गाँव के नागरिकों को आबादी की भूमि के स्वामित्व के कागजात सौंपेंगे।

Highlights of PM Swamitva Yojana

योजना का नामपीएम स्वामित्व योजना
विभागपंचायती राज मंत्रालय
आरम्भ की गईप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा
आरम्भ की तिथि24 अप्रैल 2020
आवेदन प्रक्रियाऑनलाइन
उद्देश्यलोन लेने में सुविधा
लाभग्राम समाज से जुड़ी सभी जानकारियां
श्रेणीकेंद्र सरकारी योजनाएं
आधिकारिक वेबसाइटegramswaraj.gov.in/

पीएम स्वामित्व योजना न्यू अपडेट

पहले वर्ष में इस योजना के अंतर्गत 10 जिले चुने गए  है जिनके  नाम है; मुरैना, श्योपुर, सागर, शहडोल, खरगोन, विदिशा, भोपाल, सीहोर, हरदा और डिंडोरी| आने वाले वर्षो में इसमें और जिले शामिल किये जायेगे| मुख्यमंत्री के अनुसार प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना में स्वामित्व रिकॉर्ड, ग्रामीण क्षेत्र की आबादी का सर्वेक्षण करने के बाद ही तैयार किया जाएगा। ग्रामीण लोगों को यह स्वामित्व रिकॉर्ड, जमीन के मालिक होने के प्रमाण के रूप में  दिया जाएगा। जो लोग 25 सितंबर, 2018 को या उसके बाद आबादी वाली भूमि का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें वह  भूमि आवंटित की जाएगी, जिसके लिए वे भूमि के स्वामित्व के रिकॉर्ड प्राप्त करने के लिए पात्र होंगे। इस योजना में , ग्रामीणों को उनकी संपत्ति के कब्जे के रिकॉर्ड और स्वामित्व प्रमाण पत्र मिलेंगे। जिनका उपयोग वे आगे प्रमाण के रूप में कर सकते हैं।

9 राज्यों में आरंभ हुई स्वामित्व योजना

जैसा कि आप सभी जानते हैं, हमारे प्यारे प्रधान मंत्री, श्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल 2020 को स्वामित्व योजना शुरू की है और इस योजना के माध्यम से, गाँव के लोगों को उनकी रिहाई से जमीन और घर का स्वामित्व और वैध कागजात प्रदान किए जाते हैं। अब तक यह योजना देश के 9 राज्यों में शुरू की गई है, जो आंध्र प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और हरियाणा आदि हैं। इस योजना के माध्यम से इन राज्ये के लोगो को बहुत मदद मिली है, और इसी वजह से इस योजना को आज तक सफल माना जाता है। देश के 5.41 लाख गाँव मालिकाना योजना के दायरे में आएंगे, जिसके अंतर्गत 566.23 करोड़ सरकार द्वारा रखे गए हैं।

स्वामित्व योजना 653 गांव में हुआ शुरू कार्य

ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी से संबंधित मालिकाना हक, पीएम स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण नागरिकों को सौंप दिया जाएगा। योजना शुरू में केवल 10 गांवों में शुरू की गई थी। इसके बाद, इस योजना को दूसरे चरण में 200 गांवों में शुरू किया गया था। अब जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने 653 गांवों में स्वामित्व योजना के तहत काम शुरू करने का निर्देश दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिक विभिन्न उद्देश्यों के लिए घरानी का उपयोग करने में सक्षम होंगे। इस योजना के माध्यम से, भूमि के विवादों को अब रोक दिया जाएगा।

हाउस होल्ड प्रदान करने के लिए ड्रोन द्वारा एक सर्वे किया जाएगा और सर्वे के बाद, पहचान किए गए गांव के लोगों की आबादी की भूमि का एक नक्शा लिया जाएगा। इसके बाद, संरक्षकता आयोजित की जाएगी और अपीलीय पर सुनवाई की जाएगी। इन आपत्तियों के निस्तारण के बाद भू-अभिलेखों की फीडिंग राजस्व अभिलेखों में की जाएगी। इसके बाद, नागरिकों को घरोनी और खतौनी की एक प्रति प्रदान की जाएगी। इस योजना के माध्यम से, विवाद अब कम हो जाएंगे और नागरिकों को भी घर पर लोन मिल सकेगा। स्वामित्व योजना के तहत 653 ग्रामीण क्षेत्रों में काम शुरू किया गया है। जल्द ही बाकी ग्रामीण इलाकों में भी काम शुरू हो जाएगा।

स्वामित्व योजना आपत्ति दर्ज करने का समय

सरकार द्वारा अग्रिम रूप से उस गांव के नागरिकों का सर्वे किया जाता है जिस गांव को पहले ही से सुचना दी जाती है जिससे की उस दिन वे सभी लोग जो गांव से बाहर हैं, गांव में मौजूद हों। सरकार द्वारा गांव का पूरा नक्शा तैयार किया जाता है। इसके बाद, सभी नागरिकों के नाम, जिनके नाम पर जमीन है, उन सभी लोगो के बारे में पूरे गांव को जानकारी दी जाती हैं। जिन नागरिकों को अपनी आपत्तियाँ दर्ज करानी हैं, वे न्यूनतम 15 दिनों और अधिकतम 40 दिनों में अपनी आपत्तियाँ दर्ज कर सकते हैं। जिन गांवों में कोई आपत्ति नहीं है, भूमि के दस्तावेज राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा भूमि के मालिक को दिए जाते हैं।

PM Swamitva Yojana

इस  योजना के ज़रिये ग्रामीणों को सर्कार द्वारा जमीन का रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाएगा| और ड्रोन के द्वारा  उनकी जमीनों का आवंटन होगा तथा उन्हें इसके लिए सम्पूर्ण पत्र दिए जायेगे,  ताकि वे आसानी से बैंक ऋण प्राप्त कर सकें।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह पहली बार है जब गांवों में आवासीय भूमि का सर्वेक्षण किया जा रहा है और एक रिकॉर्ड कायम किया जा रहा है| यह जमीनी झगरो का निपटारा करने में भी सहायक होगा|  महाराष्ट्र, कर्नाटक हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में इस योजना को प्रारंभिक तौर पर प्रारंभ किया जा रहा है। इसके बाद अन्य राज्यों की बारी आएगी|

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना का उद्देश्य

इस योजना के माध्यम से गांव की जमीन पर चले आ रहे विवादों से भी छुटकारा मिलेगा। 11 अक्टूबर 2020 को सरकार द्वारा मालिकाना हक के कागजों के साथ साथ डिजिटल प्रॉपर्टी कार्ड भी गांव के निवासियों को प्रदान किए जाएंगे। पीएम स्वामित्व योजना के माध्यम से लोगों की संपत्ति का डिजिटल ब्यौरा रखा जा सकेगा। स्वामित्व योजना के अंतर्गत राजस्व विभाग द्वारा गांव की जमीन की आबादी का रिकॉर्ड एकत्रित करना शुरू कर दिया गया है। इसी के साथ विवादित जमीनों के मामले के निपटारे के लिए डिजिटल अरेंजमेंट भी राजस्व विभाग द्वारा शुरू किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण किसानों की जमीनो की ऑनलाइन देखरेख मुहैया कराना जमीनों की मैपिंग और उनके सही मालिकों को उनका हक दिलाना, जमीनी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है। ग्रामीणों के हक में इस योजना के तहत काम किया जाएगा।

PM स्वामित्व योजना का लाभ

एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने  कहा कि करीब 5 साल पहले देश की 100 ग्राम पंचायतें ब्रॉडबैंड से जोड़ी गई थी लेकिन अब इसकी संख्या बढ़कर  125000 से भी अधिक हो गयी हैं। यह जुड़ाव सरकारी योजनाओं की जानकारी गांव तक आसानी से पहुँचता है और सहायता पहुंचने में भी  तेजी लता है| प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के द्वारा  अब गांव के लोग भी शहर के लोगों के तरह अपने मकानों पर होम लोन और खेतों पर भी लोन के लिए अप्लाई कर  सकते हैं गांवों में जमीनों की मैपिंग ड्रोन के द्वारा की जाएगी| देश के लगभग 6 राज्यों में इसकी शुरुआत हो चुकी है और सन 2024 तक इसको देश के हर गांव तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। और इसके अलावा इसके  और भी बहुत  से लाभ है जो निचे दिए जा रहे है।

प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना

  • प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के द्वारा गांवो  में संबंध संपत्ति नामांकन के प्रोसेस को आसान करने का पर्यटन किया गया  है।
  • इस योजना में  ड्रोन के द्वारा गांव, खेत भूमि का मैपिंग करके आवंटन किया जाएगा।
  • भूमि के सत्यापन प्रक्रिया भूमि भ्रष्टाचार को रोकने में सहायक सिद्ध होगी ।
  • ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले किसानों को अपने घर या खेतों पर लोन लेने की सुविधा भी मिलेगी ।

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना ऑनलाइन आवेदन कैसे करे?

आप दिए गए आसान से चरणों के द्वारा ऑनलाइन मोड में स्वामित्व योजना के लिए आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन की प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।

  • सबसे पहले आपको पीएम स्वामित्व योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद आपके सामने वेबसाइट का होमपेज खुल जायेगा।
  • वेबसाइट के होमपेज पर आपको मेन्यू में ” न्यू रजिस्ट्रेशन” के विकल्प पर देना है। इसके बाद आपके सामने एक ऑनलाइन फॉर्म खुल जायेगा।
  • इस फॉर्म में आपको सभी पूछी गयी जानकारियों सही प्रकार से भरना होगा। सभी जानकारियों के भरने के बाद आप अपने द्वारा दर्ज जानकारी की जांच के फॉर्म को सबमिट कर दे।
  • इस तरह, आप सफलतापूर्वक वेबसाइट पर रजिस्टर कर चुके है| आपके रजिस्ट्रेशन की जानकारी आपके मोबाइल पर SMS या ईमेल द्वारा भेज दी जाएगी

Contact Helpline

हमारी वेबसाइट माध्यम से आपको PM Swamitva Yojana से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कर दी है। यदि इसके बाद भी आपको किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो आप ई मेल आईडी पर संपर्क करके अपनी सभी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। आप निम्न ई मेल आईडी के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं-

Conclusion

इस लेख में आपको प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना से सम्बंधित सभी जानकारिया दी गयी है। आप लेख में दिए गए आवेदन के चरणों का पालन करके ऑनलाइन मोड में प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना आवेदन की प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। इस योजना के सफल कार्यान्वयन से ग्राम पंचायतो में होने वाली धांधली, जमीन पर अवैध कब्जे आदि अपराधों पर लगाम लगेगी।

यह भी पढ़ेई ग्राम स्वराज पोर्टल क्या है: डाउनलोड e-Gram Swaraj पोर्टल जानकारी

हम उम्मीद करते हैं की आपको प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना से सम्बंधित जानकारी जरूर लाभदायक लगी होंगी। इस लेख में हमने आपके द्वारा पूछे जाने वाले सभी सवालो के जवाब देने की कोशिश की है।

यदि अभी भी आपके पास इस योजना से सम्बंधित सवाल है तो आप हमसे कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं । इसके साथ ही आप हमारी वेबसाइट को बुकमार्क भी कर सकते हैं।



Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *