राजस्थान इंदिरा रसोई योजना|इंदिरा रसोई योजना|indira rasoi yojana|Rajasthan indira rasoi yojana

आज हम अपने इस आर्टिकल में राजस्थान इंदिरा रसोई योजना की जानकारी देने जा रहे हैं| हम आपको बताएंगे कि इंदिरा रसोई योजना क्या है| राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी ने indira rasoi yojana की शुरुआत की है|राजस्थान में भी इंदिरा रसोई योजना लॉन्च करने का ऐलान किया. कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जन जागरण अभियान की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में अब कोई भूखा नहीं सोएगा|

इसके लिए हम 100 करोड़ रुपये की लागत से इंदिरा रसोई योजना लेकर आ रहे हैं| इस योजना में स्थानीय स्वयं सहायता समूह की भागीदारी से हर गरीब को खाना खिलाया जाएगा|कांग्रेस सरकार ने बीजेपी राज की ‘अन्नपूर्णा रसोई योजना’ का नाम बदलकर अब उसे ‘इंदिरा रसोई योजना’ के नाम से बदले स्वरूप में चलाने का फैसला किया है|

इंदिरा रसोई योजना

प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में जरूरतमद लोगों अब राज्य सरकार रियायती दरों पर दोनों टाइम का खाना मुहैया करवाएगी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत नें प्रदेश भर में इंदिरा रसोई योजना लॉन्च करने की घोषणा की है. इस योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को शुद्ध और पौष्टिक नाश्ता और खाना रियायती  दरो पर उपल्बध करवाया जाएगा|मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस योजना की शुरुआत जल्द कर सकते हैं, जिसको लेकर स्वायत्त शासन विभाग की और से पूरी तैयारियां कर ली गई हैं|

Rajasthan indira rasoi  Yojana Highlights

योजना का नामराजस्थान इंदिरा रसोई योजना
इनके द्वारा शुरू की गयीअशोक गहलोत जी के द्वारा
लाभार्थीगरीब व्यक्ति
उद्देश्यखाना मुहैया करना

इंदिरा रसोई योजना 2020 का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को दो समय का शुद्ध पौष्टिक भोजन रियायती दर से उपलब्ध कराया जाना है. योजना के संचालन में स्थानीय गैर सरकारी संगठनों (NGO) की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी एवं सूचना प्रौद्योगिकी की सहायता से प्रभावी तरीके से निगरानी होगी. इस योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को शुद्ध और पौष्टिक नाश्ता और खाना रियायती दरो पर उपल्बध करवाया जाएगा|

Indira Rasoi Yojana की मुख्य बातें

  • ’कोई भूखा ना सोए’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए गहलोत सरकार प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में इंदिरा रसोई योजना की शुरूआत करने जा रही है।
  • इस योजना के तहत प्रदेश में जरूरतमंद लोगों को दो समय का शुद्ध पौष्टिक भोजन रियायती दर से उपलब्ध कराया जाएगा।
  • राज्य सरकार द्वारा जारी घोषणा के मुताबिक योजना पर सालाना 100 करोड़ रूपये का खर्च किया जाएगा ।
  • इस योजना के अंतर्गत लोगों को खाना खिलाने के लिए वैन, गाड़ी के स्थान पर स्थाई दूकान की व्यवस्था की जायेगी ।
  • जरुरतमन्द लोगों को भोजन व्यवस्था मुहैया करवाने के लिए सरकार द्वारा किसी एक फर्म को टैंडर ना देकर प्रदेश में चल रहे विभिन्न NGO की मदद पर विचार किया जा रहा है।