यूपी पंचायत चुनाव 2021|यूपी ग्राम पंचायत चुनाव 2021 में कब होगा|UP Gram Panchayat chunav 2021 date|up Gram panchayat chunav 2021|

प्यारे दोस्तों आज हम अपनी आर्टिकल में यूपी ग्राम पंचायत 2021 की जानकारी देने जा रहे हैं| जैसा कि आप जानते हैं उत्तर प्रदेश में 2015 में पंचायत चुनाव हुए हैं| अब यूपी ग्राम पंचायत का 5 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव होने जा रहे हैं|उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनावों अब मतदाता नोटा (None of Above) का भी इस्तेमाल कर सकेंगे। 22 जनवरी को राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें पंचायत चुनावों में नोटा के इस्तेमाल करने की बात कही गई है। योगी सरकार अगर आयोग के इस प्रस्ताव पर मुहर लगा देती है|

UP panchayat chunav 2021 प्रदेश में होने जा रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्य) में मतदाता उम्मीदवारों के न पसंद आने पर ‘नोटा’ (NOTA) का इस्तेमाल कर सकेंगे। शासन से जुड़े सूत्रों की मानें तो राज्य निर्वाचन आयोग के इस प्रस्ताव पर प्रदेश सरकार गम्भीरता से विचार कर रही है।ग्राम पंचायत चुनाव उत्तर प्रदेश 2021। जैसा की आपको पता है की हर पाँच साल के बाद हर क्षेत्र मे पंचायत चुनाव होते है। उसी तरह उत्तर प्रदेश मे भी पहले 2015 मे ग्राम पंचायत चुनाव हो चुके है। और अब 2021 मे होने वाले है। तो सभी लोगो को यह जानने मे बहुत ही उत्सुकता है की यूपी ग्राम पंचायत इलैक्शन 2021 मे क्या होने वाला है।

उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत चुनाव 2021|up Gram panchayat chunav 2021

 ग्राम पंचायत चुनाव का एलान हो गया है. अगले वर्ष 2021 जनवरी-व फरवरी माह में पंचायत चुनाव होंगे. राज्य निर्वाचन आयोग ने आदेश जारी किये है. राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव वर्ष 2021 का कार्यक्रम घोषित कर दिया है| जनवरी-फरवरी महीने में पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएंगे. राज्य निर्वाचन आयोग ने इसके आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं|राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव वर्ष 2021 का कार्यक्रम घोषित कर दिया है. जनवरी-फरवरी महीने में पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएंगे|राज्य निर्वाचन आयोग ने इसके आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं.विस्तृत कार्यक्रम दिसंबर के अंत तक घोषित किया जाएगा|

इससे पहले नवंबर माह में स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं.गृह क्षेत्रों में स्थापित अधिकारियों के तबादले होंगे. आदेशों के अनुसार जनवरी-फरवरी 2021 में राज्य में होने वाले पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को देखते हुए चुनाव से जुड़े जो अधिकारी तीन वर्ष से अधिक समय से अपने गृह क्षेत्र में पदस्थापित हैं वे 15 नंवबर, 2019 के बाद वहां नहीं रह पाएंगे| उससे पहले सरकार को उनके तबादले करने होंगे| मतदाता सूचियों की तैयारी से जुड़े अधिकारियों एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार आदि का तबादला पंचायत चुनाव वर्ष 2021 की मतदाता सूची का कार्य प्रारंभ होने से पूर्ण होने तक आयोग की अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा|

up gram panchayat chunav 2021 New Update— 

पिछले 25 वर्षों से अनुसूचित जाति (एससी) या अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित रहे क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी), ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य और जिला पंचायत अध्यक्षों के निर्वाचन क्षेत्रों में इस बार इन जातियों के लिए आरक्षण का लाभ लागू नहीं होगा। यही व्यवस्था एससी, एसटी के लिए आरक्षित रहे क्षेत्रों में भी लागू रहेगी।पंचायत चुनाव के निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डों) में आरक्षण के लिए तैयार प्रस्तावित फार्मूले के मुताबिक, ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों तथा जिला पंचायतों में एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र, यानी वार्डों की गणना पहले से तय फार्मूले के अनुसार डीएम के स्तर से की जाएगी। जिला पंचायतों में आगामी सामान्य निर्वाचन के आरक्षण में चक्रानुक्रम (रोटेशन) लागू किया जाएगा।

ग्राम पंचायत चुनाव उत्तर प्रदेश 2021 कब होगा|next gram panchayat election in up 2021

उत्‍तर प्रदेश (Uttar Pradesh Panchayat Chunav 2021) में पंचायत चुनाव होने हैं. एक बार फिर ग्रामीण जनता अपना प्रतिनिधि चुनेगी. लेकिन अपना प्रतिनिधि चुनते समय क्‍या आपको पता है कि आपके सरपंच, जिला पंचायत सदस्‍य या ब्‍लॉक प्रमुख ने पूरे पांच साल में क्षेत्र में क्‍या-क्‍या काम कराए हैं? प्रधान जी के दावों और वादों की हकीकत पता करने के लिए हम आपको एक आसान उपाय बताने जा रहे हैं, जिसके जरिए आप अपने मोबाइल पर ही उनके 5 साल का कच्‍चा-चिट्ठा निकाल सकते हैं|राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की घोषणा भी कर दी है|उत्‍तर प्रदेश में पंचायत चुनाव मई में कराए जा सकते हैं|

उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत आरक्षण सूची 2021 प्रक्रिया

  • ग्राम पंचायत चुनाव हमेशा पांच सालों के अंतराल में होते हैंI
  • प्रदेश सरकार की स्वीकृति के बिना ये नहीं हो सकतेI जब प्रदेश सरकार स्वीकृति देती है उसके बाद चुनाव आयोग इस ओर आगे बढ़ता हैI
  • चुनाव आयोग का चुनाव की तरफ पहला कदम अधिसूचना जारी करना होता हैI
  • इस तरह की अधिसूचना में चुनाव से जुड़ी सभी जानकारी होती हैI जैसे चुनाव की तिथि, चुनाव चिन्ह वगैरहI
  • इस तरह की अधिसूचना के लागू होते ही आचार संहिता प्रारंभ हो जाती हैI
  • अधिसूचना में कुछ तिथियां दी जाती हैंI उन्ही के अंदर अंदर कैंडिडेट को अपना नामांकन करवाना पड़ता हैI
  • ये नामांकन निर्वाचन अधिकारी के सामने देना पड़ता है और निर्वाचन अधिकारी चाहे तो इसे रद्द भी कर सकता हैI
  • यदि निर्वाचन अधिकारी इसे स्वीकार करता है तो इसके बाद कैंडिडेट अपना चुनाव चिन्ह आयोग को देता हैI
  • स्वीकार किए कैंडिडेट प्रचार करते हैंI चुनाव के 2 दिन पहले प्रचार बन्द कर दिया जाता है और तय तिथि पर चुनाव करा दिए जाते हैंI
  • उसके बाद मतगणना होती है और चुनाव में जीतने वाले कैंडिडेट को ग्राम पंचायत का प्रधान बना दिया जाता हैI

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