कपालभाती – जानिए Kapalbhati Yoga के नियम और फायदे हिंदी में!


कपालभाति: योग और प्राणायाम एक ऐसी क्रिया है जो हमारे शरीर को स्वस्थ और निरोगी बनाए रखने में हमारी मदद करते है। जीवनशैली लगातार बदल रही है जिस वजह से हमारे खान-पान में भी बदलाव आ गए है जिसका असर हमारे शरीर पर होता है और शरीर कई तरह की बिमारियों से घिर जाता है। इसलिए आज हम आपको बताएँगे की Kapalbhati Yoga, कपालभाति कैसे करें और Kapalbhati Ke Labh क्या है।

कपालभाति एक ऐसा प्राणायाम है जो पूरे शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक होता है। इसे सभी योग-आसनों में बहुत चमत्कारी माना गया है। इस प्राणायाम को करने से बहुत ही कम समय में इसके लाभ दिखाई देने लगते है। तो अपने शरीर को निरोगी और मन को प्रसन्न बनाये रखने के लिए कपालभाति प्राणायाम ज़रुर करे। तो आइये जानते है Kapalbhati Kaise Kare, Kapalbhati Pranayam Karne Ki Vidhi क्या है जिसे करके आप Kapalbhati Ke Kya Fayde प्राप्त कर सकेंगे।

Kapalbhati Parayanama Kaise Kare

Kapalbhati Kya Hai | कपालभाति क्या है

कपालभाती एक तरह का योगासन है। यह शरीर की अनेक प्रकार की बिमारियों को खत्म करता है। यह एक बहुत ही आसान प्राणायाम है जिसे कोई भी स्वस्थ व्यक्ति आसानी से कर सकता है। कपाल का सम्बन्ध हमारे मस्तक से होता है और भाति का सम्बन्ध कान्ति से होता है। यदि इस योग को नियमित किया जाये तो इससे मस्तक पर आभा आती है।

क्या आपने यह पोस्ट पढ़ी: UV Rays Kya Hai? UV Rays Ki Khoj Kisne Ki? – जानिए UV Rays Ke Prakar, फायदे और नुकसान विस्तार में!

विषयों की सूची

Kapalbhati Yoga Ke Niyam | कपालभाति योग के नियम

अगर आप यह प्राणायाम करते है तो आपको कुछ सावधानी भी रखनी होती है। आइये जानते है Kapalbhati Ki Simaye क्या है।

  • खाना खाने के तुरंत बाद और 4 घंटे बाद तक कपालभाति प्राणायाम करना नुकसानदायक हो सकता है।
  • गर्भावस्था के समय और गर्भावस्था के बाद यह प्राणायाम ना करे। महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान भी कपालभाति प्राणायाम नहीं करना चाहिए।
  • उच्च रक्त चाप, चक्कर आना, हर्निया, मिर्गी, दौरे आना, ह्रदय रोग और आमाशय की अल्सर के मरीज़ Kapalbhati Kriya ना करे।
  • यदि आपको कमर दर्द की बीमारी है तो चिकित्सक की सलाह लेने के बाद ही Kapalbhati करे।
  • अगर आप यह प्राणायाम करते है तो आपको यह ज़रुर पता होना चाहिए की कपालभाति कब करे क्योंकि हर किसी समय पर इस प्राणायाम को करने के कोई फायदे प्राप्त नहीं होते है।
  • Kapalbhati Karne Ka Samay सुबह का होना चाहिए। सुबह जल्दी उठकर खाली पेट इस प्राणायाम को करे।

Kapalbhati Kaise Kare

कपालभाती करने के लिए आपको इसकी सही विधि पता होना चाहिए तभी आपको इस योग का फ़ायदा प्राप्त होगा। नीचे आपको Kapalbhati Karne Ki Vidhi बतायी गई है।

  • ध्यान की मुद्रा में बैठ जाये पद्मासन में बैठना ज्यादा लाभकारी होता है।
  • रीढ़ की हड्डी को सीधा रखे अपने हाथों को घुटने पर रख लीजिये।
  • अब अपनी आँखों को बंद करके और पूरे शरीर को एकदम हल्का छोड़ दीजिये।
  • गहरी साँस ले। (इस समय आपका पेट बाहर होना चाहिए)
  • साँस को बाहर छोड़े, साँस बाहर छोड़ने के साथ ही पेट अंदर की तरफ खींचे।
  • इसके एक क्रम में साँस को 20 बार ले और बाहर छोड़े।
  • Kapalbhati पूरा होने के बाद 1 मिनट तक शांति की अवस्था में बैठे रहे और मन में शांति को महसूस करे।

जरूर पढ़े: Doctor Kaise Bane? MBBS Kya Hai – जानिए MBBS Ke Liye Qualification क्या होना चाहिए हिन्दी में!

Kapalbhati Yoga Se Kya Labh Hai | कपालभाति योग के लाभ

वैसे तो Kapalbhati Ke Fayde बहुत सारे है। लेकिन आपको हम कुछ मुख्य Kapalbhati Benefits बता रहे है जो इस प्राणायाम को करने से प्राप्त होते है।

  • Kapalbhati Yoga के द्वारा वजन कम करने में मदद मिलती है। यह आपके पेट की चर्बी को कम करता है।
  • पाचन क्रिया को मजबूत बनाता है।
  • डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए यह बहुत ही फ़ायदेमंद होता है।
  • अस्थमा के रोग को जड़ से समाप्त करने में सहायक होता है।
  • कपालभाति शरीर की नाड़ियों को शुद्ध करता है।
  • Kapalbhati Yoga करने से कब्ज की शिकायत दूर होती है।
  • कपालभाति योग रक्त के संचरण को सही करता है जिससे चेहरे की आभा बढती है।
  • कफ़ सम्बन्धित समस्या को सही करता है, फेफड़ों की क्षमता को ठीक करता है।
  • Kapalbhati Yoga मन को शांति प्रदान करती है।
  • कपालभाति योग शरीर फुर्तीला होता है। थकान को कम करने में भी लाभकारी होता है।

Kapalbhati Yoga Ke Nuksan | कपालभाति योग के नुकसान

यदि आपका कपालभाति करने का तरीका गलत है तो आपको कपालभाति के नुकसान भी उठाने पड़ सकते है।

  • अगर आप बंद कमरे में, गर्म वातावरण में, धूल-धुंए वाली जगह पर Kapalbhati Yoga करते है तो आप पर इसका गलत प्रभाव भी हो सकता है।
  • पेट की सर्जरी होने पर इस प्राणायाम को ना करे।
  • कार्डियक की बीमारी में Kapalbhati Kriya नहीं करे।
  • रीढ़ की हड्डी की समस्या होने पर इस योग को कतई ना करे।
  • मासिक धर्म के दौरान अगर आप कपालभाति प्राणायाम करते है तो आपको कपालभाति से हानि भी हो सकती है।

यह पोस्ट भी जरूर पढ़े: Kidney Stone Kaise Hota Hai? – किडनी स्टोन (पथरी) के लक्षण, कारण, इलाज और घरेलु उपचार!

निष्कर्ष

तो दोस्तों अनेक रोगों से दूर रहने के लिए Kapalbhati Pranayam Ki Vidhi को ज़रुर अपनाये। अगर आप अपने व्यस्त जीवन में थोड़ा सा समय प्राणायाम को देते है तो कई बड़ी-बड़ी भयंकर बिमारियों से बचा जा सकता है। हॉस्पिटल के महंगे इलाज से दूर रहने के लिए इस सरल से कपालभाति प्राणायाम को अपने जीवन में शामिल करे तथा अपनी फैमिली और दोस्तों को भी बताये की Kapalbhati Se Kya Hota Hai और Kapalbhati Kaise Krte Hai.

अगर आपको यह पोस्ट पसंद आयी हो तो Like ज़रुर करे और ऐसी ही स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए जुड़े रहे हमारे साथ हिंदी सहायता पर, धन्यवाद!

योगदान देने वाला

क्या आपको एडिटोरियल टीम के आर्टिकल पसंद आयें? अभी फॉलो करें सोशल मीडिया पर!

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *